
सनातन महातीर्थ · 18 पावन सीढ़ियों (पदिनेट्टम पडी) वाला दिव्य धाम
स्वामिये शरणम् अय्यप्पा। भूतनाथ सदानन्द सर्वभूतदयापर। रक्ष रक्ष महाबाहो शास्त्रे तुभ्यं नमो नमः॥
भावार्थ: हे स्वामी अय्यप्पा! मैं आपकी शरण में हूँ। समस्त जीवों पर दया करने वाले महाप्रभु, मेरी रक्षा करें।
भगवान शिव और भगवान विष्णु (मोहिनी रूप) के तेज से अवतरित हरिहरपुत्र अय्यप्पा ने महिषी का वध कर धर्म की रक्षा की और शबरी पर्वत पर सदा के लिए योगनिद्रा में लीन हो गए।
जाति, वर्ग और संप्रदाय से परे "तत्वमसि" (तुम ही वह परमात्मा हो) का साक्षात संदेश देने वाला विश्व प्रसिद्ध तीर्थ जहाँ मकर संक्रांति पर दिव्य "मकरविलक्कु" ज्योति प्रकट होती है।
स्वर्णमंडित "पदिनेट्टम पडी" (18 सीढ़ियां) जो 5 इंद्रियों, 8 रागों, 3 गुणों, विद्या और अविद्या पर विजय का प्रतीक हैं। मंदिर के ऊपर स्वर्ण छत्र स्थापित है।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| निर्मल्य दर्शन | प्रातः 03:00 - 03:30 | कपाट खुलते ही प्रथम दर्शन |
| नेय्याभिषेकम (घी अभिषेक) | प्रातः 03:30 - 11:30 | इरुमुडी से शुद्ध घी द्वारा अभिषेक |
| उचा पूजा | दोपहर 12:30 - 01:00 | मध्याह्न भोग |
| हरिवरासनम (शयन) | रात्रि 10:45 - 11:00 | प्रभु को सुलाने का दिव्य गान |
काली या नीली धोती (वेष्टि), नंगे पांव, तुलसी माला और इरुमुडी कट्टु।
धार्मिक रीति अनुसार केवल बालिकाओं (10 वर्ष से कम) और 50 वर्ष से अधिक की महिलाओं के लिए दर्शन व्यवस्था।
💡 बिना इरुमुडी के 18 पावन सीढ़ियां चढ़ना वर्जित है।
कांतमाला पहाड़ी पर दिव्य ज्योति दर्शन, तिरुवाभरणम शोभायात्रा
41 दिवसीय अखंड महाव्रत की पूर्णाहुति
कोच्चि एयरपोर्ट से टैक्सी या विशेष केएसआरटीसी बस द्वारा पंपा बेस कैंप तक 4 घंटे।
चेंगन्नूर सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है जहाँ से 24 घंटे पंपा हेतु सरकारी बसें उपलब्ध हैं।
पंपा तक वाहन जाते हैं, वहाँ से 5 किमी का सानिधानम पर्वत पैदल चढ़ना होता है (डोली सुविधा उपलब्ध)।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
शबरीमाला श्री अय्यप्पा मंदिर (केरल) पूजा किट देखें🔱 शबरीमाला श्री अय्यप्पा मंदिर (केरल) दर्शन / पूजा हेतु पंडित बुक करें