सती का मुकुट (किरीट / शिरोभूषण) · माँ विमला किरीटेश्वरी व संवर्त भैरव · प्राचीन किरीटकणा
किरीटकोणे मुकुटं विमला संवर्तो हरः। किरीटेश्वरी महादेवी सर्वराज्यप्रदायिनी॥
भावार्थ: किरीटकोण में सती का मुकुट गिरा जहाँ विमला देवी और संवर्त भैरव समस्त ऐश्वर्य प्रदान करते हैं।
सती का शिरोभूषण (मुकुट) गिरने से इसे "मुकुट पीठ" भी कहा जाता है। गर्भगृह में एक काले पत्थर की शिला रूप में माता का मुकुट स्थापित है।
बंगाल के नवाब मीर जाफर ने भी मृत्यु पूर्व इस मंदिर का चरणामृत पिया था। राजा मानसिंह और नवाबों के दीवान राजा दुर्लभ राम भी माता के अनन्य भक्त थे।
शांत ग्रामीण परिवेश में स्थित 300 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर जिसके चारों ओर आम के बाग और प्राचीन शिव मंदिर स्थित हैं।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| प्रातः पूजा व भोग | प्रातः 06:30 | मुकुट शिला प्रक्षालन व पुष्प वंदन |
| संध्या आरती | सायं 06:30 | पारंपरिक धूप व शंखनाद |
धोती-कुर्ता या सादे वस्त्र
साड़ी या सलवार सूट
💡 गांव की शांत विरासत गरिमा का सम्मान करें।
हजारों श्रद्धालुओं का पारंपरिक ग्रामीण मेला
अखंड चंडी यज्ञ व महाप्रसाद वितरण
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