
सती का नाभि मण्डल · माँ विरजा (द्विभुजा दुर्गा) व श्वेतवाराह भैरव · वैतरणी तट
उत्कले नाभिदेशश्च विरजा सा महादेवी वाराहस्तु भैरवः। वैतरणीतटे रम्ये सर्वपापविनाशिनी॥
भावार्थ: उत्कल देश में वैतरणी तट पर सती का नाभि देश गिरा, जहाँ विरजा देवी और वराह भैरव समस्त पापों का नाश करते हैं।
भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से विच्छेदित सती की नाभि यहाँ गिरी। पूरे भारत में यह एकमात्र मंदिर है जहाँ माँ दुर्गा का रथोत्सव (सिंहध्वज रथ) शारदीय नवरात्र में निकलता है।
ब्रह्मा जी ने वैतरणी तट पर अश्वमेध यज्ञ किया था जिससे माता विरजा प्रकट हुईं। मंदिर परिसर में "नाभि गया" स्थित है जहाँ पितरों के मोक्ष हेतु पिंडदान का विशेष महात्म्य है।
70 फीट ऊंचा कलिंग शैली का भव्य पत्थर का विमान जहाँ द्विभुजा देवी एक हाथ से त्रिशूल से महिषासुर को भेदती हैं और दूसरे हाथ से उसकी पूंछ पकड़े हुए हैं।
| आरती का नाम | सटीक समय | महत्व व अनुष्ठान |
|---|---|---|
| मंगला अलती | प्रातः 06:00 | माता का प्रातःकाल सिंदूर व पुष्प श्रृंगार |
| संध्या अलती | सायं 07:00 | पारंपरिक कलिंग वाद्य व दीपदान |
धोती-कुर्ता या सादे वस्त्र
साड़ी या सलवार सूट
💡 नाभि गया कुण्ड के समीप पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
भारत में एकमात्र देवी का 9 दिवसीय भव्य रथोत्सव
वैतरणी नदी में लाखों श्रद्धालुओं का मोक्ष स्नान
भुवनेश्वर एयरपोर्ट से राष्ट्रीय राजमार्ग 16 द्वारा 2 घंटे में जाजपुर टाउन पहुंचा जा सकता है।
हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेलमार्ग पर जाजपुर केंझर रोड स्टेशन है, जहाँ से बस/टैक्सी उपलब्ध है।
कटक (75 किमी), भुवनेश्वर (100 किमी) और कोलकाता (340 किमी) से सीधी बस सेवाएं हैं।
100% सात्विक, गंगाजल अभिमंत्रित, संपूर्ण विधि पुस्तिका सहित घर पहुँचाई जाती है।
माँ विरजा देवी शक्तिपीठ (जाजपुर, ओडिशा) पूजा किट देखें🔱 माँ विरजा देवी शक्तिपीठ (जाजपुर, ओडिशा) दर्शन / पूजा हेतु पंडित बुक करें