
“नव वाहन की सुरक्षा, सुख-समृद्धि एवं दुर्घटनाओं से रक्षा हेतु वैदिक अनुष्ठान”
नए वाहन की खरीद पर अथवा प्रत्येक दशहरे/दीपावली पर वाहन पर स्वास्तिक, नींबू-मिर्च, नारियल फोड़कर और हनुमान जी के सिंदूर से रक्षा सूत्र बांधने की विधि।
शास्त्रों में वाहन को गति और पुरुषार्थ का साधन माना गया है। वाहन पूजन से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और चालक व यात्रियों की यात्राएं निर्विघ्न संपन्न होती हैं।
महाभारत काल में अर्जुन के रथ पर स्वयं संकटमोचन हनुमान जी ध्वज रूप में विराजमान थे, जिससे रथ पर आने वाले समस्त अस्त्र-शस्त्र निष्फल हो जाते थे।
वाहन को स्वच्छ जल व गंगाजल से पवित्र करना
बोनट/हैंडल पर रोली-चंदन से ॐ एवं शुभ-लाभ स्वास्तिक बनाना
हनुमान जी के चरणों का सिंदूर और कलावा बांधना
वाहन के चारों पहियों के नीचे नींबू रखना और आगे बढ़ाना
नारियल फोड़कर वाहन पर जल छिड़कना और मिष्ठान्न बांटना
राहुकाल को छोड़कर अमृत या शुभ चौघड़िया में वाहन पूजन करना सर्वोत्तम है।
आज का पंचांग देखेंकाशी एवं हरिद्वार के प्रामाणिक वैदिक ब्राह्मणों द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉल अथवा संकल्प पूजा का शास्त्रीय प्रबंध।
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