सनातन धर्म में वाहन पूजा का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व
सनातन वैदिक संस्कृति में हर उस साधन के प्रति कृतज्ञता और देवत्व का भाव रखा जाता है जो मनुष्य की यात्रा और आजीविका को सुगम बनाता है। जब कोई भक्त नई कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर या व्यावसायिक ट्रक खरीदता है, तो वह केवल एक धातु का ढांचा नहीं होता, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों का जीवन उस पर निर्भर करता है।महाभारत काल में जब अर्जुन कुरुक्षेत्र के युद्ध में उतरे थे, तब उनके रथ के ध्वज पर स्वयं भगवान श्री संकटमोचन हनुमान जी साक्षात विराजमान थे। वही रक्षा भाव आज प्रत्येक सनातनी अपने वाहन पर सिंदूर का स्वास्तिक और कलावा बांधकर आह्वान करता है।
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वाहन पूजा हेतु आवश्यक शास्त्रीय सामग्री:
1. **शुद्ध गंगाजल**: वाहन के बाहरी व आंतरिक पवित्रीकरण हेतु। 2. **काशी का शुद्ध सिंदूर व कुमकुम**: बोनट और स्टीयरिंग पर स्वास्तिक बनाने हेतु। 3. **मौली (कलावा)**: स्टीयरिंग व्हील, साइड मिरर्स और इंजन पर रक्षा सूत्र बांधने हेतु। 4. **4 ताजे पीले बिना दाग वाले नींबू**: चारों टायरों के सम्मुख रखने हेतु। 5. **जटा वाला पानीदार श्रीफल (नारियल)**: वाहन के ठीक आगे भूमि पर फोड़ने हेतु। 6. **भीमसेनी कर्पूर व पीतल का दीया**: वाहन की मंगल आरती उतारने हेतु। 7. **बूंदी के लड्डू**: हनुमान जी को भोग लगाकर राहगीरों व मित्रों में बांटने हेतु।---
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चरण-दर-चरण वाहन पूजा विधि:
##1. पवित्रीकरण एवं आचमन
वाहन को स्वच्छ जल से धोकर साफ करें। इसके उपरांत आम के पल्लव से गंगाजल लेकर वाहन पर छिड़कें और इस मंत्र का स्मरण करें:ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥
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2. बोनट व स्टीयरिंग पर स्वास्तिक अंकन
चमेली के तेल या गाय के घी में सिंदूर मिलाकर अपनी अनामिका उंगली से गाड़ी के बोनट के मध्य में बड़ा, सीधा और सुंदर स्वास्तिक बनाएं। चारों कोनों में बिंदियां अवश्य लगाएं। स्टीयरिंग व्हील पर भी ॐ या छोटा स्वास्तिक बनाएं।##
3. रक्षा सूत्र (कलावा) बांधना
गाड़ी के स्टीयरिंग व्हील पर कलावा 7 बार लपेटकर बांधें। यह चालक के हाथों को संयमित और सुरक्षित रखने का संकल्प है।##
4. श्रीफल समर्पण एवं नींबू छेदन
वाहन के सम्मुख खड़े होकर एक ही प्रहार में नारियल फोड़ें। उसका थोड़ा जल टायरों पर छिड़कें। इसके पश्चात चारों पहियों के ठीक आगे 1-1 नींबू रखें। अब गाड़ी स्टार्ट करके धीरे से आगे बढ़ाएं ताकि चारों नींबू फूट जाएं।##
